हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिमी एशिया इस समय बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में इज़राइली प्रधानमंत्री की क्षेत्र में मौजूदगी चिंता का विषय है।
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इज़राइल की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई, फिलिस्तीन और लेबनान में कब्जे तथा हिंसा के कारण क्षेत्र की स्थिति और अधिक गंभीर हुई है। बयान में नेतन्याहू के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालतों में चल रही कानूनी कार्यवाही का भी उल्लेख किया गया।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि इज़राइली शासन की ईरान और क्षेत्र के अन्य देशों के प्रति दुश्मनी और शत्रुतापूर्ण रवैया स्पष्ट हो चुका है तथा ईरान के खिलाफ बार-बार धमकियां भी दी गई हैं। इसलिए क्षेत्र के सभी देशों को ऐसी मौजूदगी के संभावित प्रभावों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
बयान में कहा गया कि क्षेत्रीय सुरक्षा एक सामूहिक और अविभाज्य मुद्दा है। क्षेत्र में ऐसे तत्वों की मौजूदगी का रास्ता आसान बनाने वाली गतिविधियां अंततः सभी क्षेत्रीय देशों के हितों को नुकसान पहुंचा सकती हैं और पश्चिमी एशिया में अशांति, असुरक्षा और अस्थिरता को बढ़ा सकती हैं।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्षेत्रीय सरकारों से आग्रह किया कि वे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें, इज़राइली शासन की ऐसी गतिविधियों के लिए रास्ता आसान न बनाएं और अपने क्षेत्रों को अन्य क्षेत्रीय देशों के खिलाफ अस्थिरता पैदा करने वाली कार्रवाइयों के लिए इस्तेमाल न होने दें।
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